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रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मरीजों को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें डाइट टिपà¥à¤¸
रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने के कई कारण हो सकते हैं। सही खानपान ना होना à¤à¥€ इसके कारण होते हैं। आइठजानते हैं रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के डाइट।
रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, गठिया का ही à¤à¤• सà¥à¤µà¤°à¥‚प है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से हमारी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन और जोड़ों में दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली और उमà¥à¤° बढ़ने के साथ लोग गठिया के शिकार हो जाते हैं। खराब खान-पान की वजह से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (गठिया) की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, महिलाà¤à¤‚ रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से अधिक गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होती हैं। खासतौर पर 40 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ गठिया रोग से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होती हैं। रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों की डाइट किस तरह होनी चाहिà¤, इस बात से हमें अचà¥à¤›à¥€ तरह वाकिफ होनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के रोगियों को दवाईयों के साथ-साथ सही डाइट का होना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ ही जरूरी होता है।
रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (आरà¤) à¤à¤• दीरà¥à¤˜à¤•ालिक बीमारी है, जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से जोड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। यह à¤à¤• चिरकालिक रोग है, जो समय के साथ-साथ काफी बिगड़ती है। अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की वजह से जोड़ों में सूजन होने लगता है और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• दरà¥à¤¦ होता है। इसमें रोगियों के उंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, पांव, कलाइयों और टखनों के छोटे-छोटे जोड़ों में काफी दरà¥à¤¦ होने लगता है। आइठजानते हैं रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (गठिया) के रोगियों का डाइट चारà¥à¤Ÿ जानने से पहले इसके कारण और लकà¥à¤·à¤£ जानते हैं।
रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण (Causes of Rheumatoid arthritis)
रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के सटीक अà¤à¥€ à¤à¥€ अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ हैं। इसके बावजूद कई à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के निमà¥à¤¨ कारण बताते हैं।
आनà¥à¤µà¤‚शिक कारक : कई à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿ का कारण वंशानà¥à¤—त बताते हैं। कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥‡ जींस की पहचान हà¥à¤ˆ है, जो गठिया (Rheumatoid arthritis) के जोखिम को बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारक : वंशानà¥à¤—त के साथ-साथ कà¥à¤› विशेष परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारकों से à¤à¥€ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। जैसे- धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, कीटनाशक और सिलिका के संपरà¥à¤• में आना और वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Rheumatoid arthritis) के कारक माने जाते हैं।
इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ : कई बार इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से à¤à¥€ कà¥à¤› लोगों को रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने का खतरा बढ़ जाता है। ख़ासतौर पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, फंगस और वायरस के कारण गठिया का जोखिम बॠजाता है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं में गठिया होने का खतरा 3 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक रहता है।
रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Rheumatoid arthritis)
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन और जोड़ों के साथ-साथ अनà¥à¤¯ कई अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं।
गठिया रोगियों के पैरों और हाथों में दाईं और बाईं छोटे-छोटे जोड़ों में कोमलता और दरà¥à¤¦ के साथ शà¥à¤°à¥‚ होता है। इसके बाद जोड़ों में कड़ापन औऱ सूजन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होने लगती है।
हाथ, पैर और गरà¥à¤¦à¤¨ के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ होना।
à¤à¥‚ख न लगना
कà¥à¤› लोगों को बà¥à¤–ार, चकतà¥à¤¤à¥‡ के साथ-साथ थकान का अनà¥à¤à¤µ होता है।
इस तरह जीवनशैली में करें बदलाव (Change Your Lifesytle)
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों पर चोट ना लगने दें।
नियमित रूप से à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें।
वजन को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखें।
अधिक सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š वाले कारà¥à¤¯ ना करें।
रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (आमवात) रोग में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ (Your Diet During Rheumatoid Arthritis Disease)
डायट मंतà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• की कामिनी कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ बताती हैं कि रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ रोगियों को अपने डाइट का विशेष खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने डाइट में इस तरह की चीजों को शामिल करना चाहिà¤à¥¤
अनाज में कà¥à¤¯à¤¾ खा सकते हैं - गेंहू, जौ, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ चावल, ओटà¥à¤¸ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ फाइबरयà¥à¤•à¥à¤¤ अनाज को आप अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं।
दाल - मूंग, अरहर और मसूर दाल आप खा सकते हैं।
फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ - सहजन, पपीता, सेब, टिणà¥à¤¡à¤¾, परवल, तोरई, खीरा लौकी, करेला और बथà¥à¤† साग का आप सेवन कर सकते हैं।
अनà¥à¤¯ चीजें - कड़वा à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे– अजवाइन, अदरक, सौंफ, हींग, काला नमक, तेल, हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® पानी, काली मिरà¥à¤š, सेंधा नमक, धनिया, लहसà¥à¤¨, जीरा, घी, à¤à¤°à¤£à¥à¤¡ तेल, गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी, बिना मलाई का दूध, छाछ, पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤µà¤¾à¥¤ गोमूतà¥à¤° का सेवन करें।
रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (आमवात) बीमारी में कà¥à¤¯à¤¾ ना खाà¤à¤‚ (Food to Avoid in Rheumatoid Arthritis Disease)
रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (गठिय) रोगियों को कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ आहार का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इन आहार के सेवन से उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
अनाज - अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के रोगियों को मैदा और नया धान खाने से बचना चाहिà¤à¥¤
दाल - काबà¥à¤²à¥€ चना, काला चना, चना, मटर की दाल से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ रोगियों को दूर रहना चाहिà¤à¥¤
फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ - कंदमूद, आलू, सरसों के साग, à¤à¤¿à¤‚डी, बैंगन, अरबी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ वात करने वाली चीजों से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के रोगियों को दूर रहना चाहिà¤à¥¤
अनà¥à¤¯: मछली, दही, गà¥à¥œ, दूध, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸, ठंडा à¤à¥‹à¤œà¤¨, ठंडा पानी, तली-à¤à¥à¤¨à¥€ चीजें और पचाने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होने वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
इन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤² (Points to be Remember in Rheumatoid Arthritis Disease)
नियमित रूप से करें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और योग।
गरà¥à¤® और फà¥à¤°à¥‡à¤¶ खाना खाà¤à¤‚।
खà¥à¤¶ रहें और सकारातà¥à¤®à¤• जीवनशैली अपनाà¤à¤‚।।
à¤à¤• साथ अधिक ना खाà¤à¤‚।
खाने को छोटे-छोटे हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में बांटें।
देर रात खाने से बचें।
किसी à¤à¥€ समय खाना ना खाà¤à¤‚।
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¤• दिन उपवास जरूर करें।
अमाशय का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ खाली करके ही खाà¤à¤‚।
खाने को अचà¥à¤›à¥€ तरह चबाचबा कर खाà¤à¤‚।
खाना खाने के करीब 3 से 5 मिनट तक टहलें।
सà¥à¤¬à¤¹ जलà¥à¤¦à¥€ जगें।
दातों को दिन में दो बार साफ करें।
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